<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<atom:link href="https://www.shreephaljainnews.com/tag/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AC%E0%A4%B0/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<description>ताज़ा खबरे हिन्दी में</description>
	<lastBuildDate>Fri, 05 Jun 2026 10:28:31 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2022/09/cropped-shri-32x32.png</url>
	<title>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन &#8211; श्रीफल जैन न्यूज़</title>
	<link>https://www.shreephaljainnews.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>वार्षिक अधिवेशन में अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित : शताधिक विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ भव्य समारोह  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/several_important_resolutions_passed_at_the_annual_session/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/several_important_resolutions_passed_at_the_annual_session/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 05 Jun 2026 10:28:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Shastri Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Annual Convention]]></category>
		<category><![CDATA[Aryika Swasti Bhushan Mataji Sansangh]]></category>
		<category><![CDATA[Award Investiture Ceremony]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Keshavraipatan]]></category>
		<category><![CDATA[Morena Gurukul]]></category>
		<category><![CDATA[Mulnayak Lord Munisuvratnath Yes]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Spiritual Environment]]></category>
		<category><![CDATA[Teaching-Training Camp]]></category>
		<category><![CDATA[Wagarh Gurukulam]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[आध्यात्मिक वातावरण]]></category>
		<category><![CDATA[आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[केशवरायपाटन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पुरस्कार अलंकरण समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[मुरैना गुरुकुल]]></category>
		<category><![CDATA[मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी]]></category>
		<category><![CDATA[वागढ़ गुरुकुलम्]]></category>
		<category><![CDATA[वार्षिक अधिवेशन]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षण प्रशिक्षण शिविर]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=107766</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद् का शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर एवं पुरस्कार अलंकरण समारोह विगत दिनों केशवरायपाटन में संपन्न हुआ। इसमें विद्वानों की मौजूदगी में कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। आयोजन आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में हुआ। केशवराय पाटन से पढ़िए, डॉ. सुनील जैन संचय की यह रिपोर्ट&#8230; केशवराय पाटन (बूंदी)। श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद् का शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर एवं पुरस्कार अलंकरण समारोह विगत दिनों केशवरायपाटन में संपन्न हुआ। इसमें विद्वानों की मौजूदगी में कई प्रस्तावों पर सहमति बनी। आयोजन आर्यिका स्वस्ति भूषण माताजी ससंघ के सानिध्य में हुआ। <span style="color: #ff0000">केशवराय पाटन से पढ़िए, डॉ. सुनील जैन संचय की यह रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>केशवराय पाटन (बूंदी)।</strong> श्री मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवराय पाटन में गणिनी आर्यिकारत्न श्री स्वस्ति भूषण माता जी ससंघ के पावन सान्निध्य में अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि-परिषद् के तत्वावधान में शिक्षण-प्रशिक्षण शिविर, वार्षिक अधिवेशन एवं पुरस्कार अलंकरण समारोह 25 से 30 मई तक आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। इस आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारे शताधिक विद्वानों ने सहभागिता की। शिविर के दौरान ध्यान एवं योग, भक्तियों का स्वरूप, ज्योतिष, मुहूर्त, प्राकृत भाषा, धर्मध्यान एवं शुक्लध्यान, मूर्ति विज्ञान सहित विविध विषयों पर वरिष्ठ विद्वानों एवं विदुषियों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।</p>
<p><strong>कार्यकारिणी बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय </strong></p>
<p>28 मई की रात्रि में परिषद् के अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत की अध्यक्षता में कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें संस्था के आगामी कार्यक्रमों, विभिन्न गतिविधियों एवं समाजोपयोगी कार्यों पर गहन विचार-विमर्श कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।</p>
<p><strong>साधारण सभा का अधिवेशन संपन्न </strong></p>
<p>29 मई को साधारण सभा का खुला अधिवेशन किया गया। जिसमें कोषाध्यक्ष पंडित सुखमाल जैन सहारनपुर ने आय-व्यय विवरण प्रस्तुत किया तथा महामंत्री ब्र. जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़ ने गत बैठक की कार्रवाई का वाचन किया।</p>
<p><strong>अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत </strong></p>
<p>अधिवेशन में विद्वानों ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर अपने विचार रखे। चर्चा के बाद अनेक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें जनगणना में धर्म के कॉलम में जैन एवं भाषा के कॉलम में प्राकृत भाषा अंकित करने, आचार्य श्री शांतिसागरजी छाणी आचार्य पद पदारोहण शताब्दी वर्ष समारोह, रीवा में आर्यिका माता जी के साथ हुई सड़क दुर्घटना एवं साधु सुरक्षा, भोजशाला प्रकरण में जैन संस्कृति से जुड़े प्रमाणों की उपेक्षा, मंदिरों एवं जैन आयतनों की दीवारों पर जैन प्रतीकों के निर्माण, दीक्षा प्रदाता द्वारा दीक्षार्थी को पूर्ण परिपक्व करने के बाद ही दीक्षा प्रदान करने सहित कई प्रस्ताव सम्मिलित रहे। साथ ही आर्यिका श्री स्वस्ति भूषण माता जी की प्रेरणा से जहाजपुर, सोनागिर, केशवरायपाटन, प्यावड़ी आदि तीर्थ क्षेत्र के जीर्णाेद्धार कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा शोक संवेदनाओं से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए।</p>
<p><strong>चंबल तट पर ध्यान-योग एवं भगवान मुनिसुव्रतनाथ का अभिषेक  </strong></p>
<p>30 मई को प्रातः चंबल नदी के सुरम्य तट पर माताजी के साथ सभी विद्वानों, मुरैना गुरुकुल एवं नवागढ़ गुरुकुलम् के बच्चों ने ध्यान एवं योग किया। इसके बाद मूलनायक भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी का भव्य अभिषेक एवं शांतिधारा हुई। जिसमें विद्वानों ने बोली लेकर पुण्यार्जन किया।</p>
<p><strong>विद्वानों का हुआ सम्मान एवं उपाधियों से अलंकरण </strong></p>
<p>समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों को परिषद् के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। डॉ. मनोज निर्लिप्त अलीगढ़, डॉ. मोहन जैन मैसूर, महावीर शास्त्री आगरा, पंडित जयकुमार दुर्ग, पंडित प्रद्युम्न कुमार जैन शास्त्री जयपुर, चक्रेश शास्त्री मुरैना, डॉ. शैलेश जैन उदयपुर, पंडित सुरेश जैन दमोह, डॉ. राजेंद्र पाटिल श्रवणबेलगोला एवं डॉ. संजय शास्त्री टीकमगढ़ सहित दस विद्वानों को शास्त्रि-परिषद् के पुरस्कारों से अलंकृत किया गया। पंडित मनीष संजू टीकमगढ़ एवं डॉ. भरत शास्त्री इंदौर को प्रतिष्ठाचार्य तथा पंडित देवेंद्र शास्त्री केकड़ी एवं पंडित संतोष शाहगढ़ को विधानाचार्य की उपाधि प्रदान की गई। इस अवसर पर विभिन्न कृतियों का विमोचन भी हुआ। केशवराय पाटन अतिशय क्षेत्र प्रबंध कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष गुलाबचंद जैन (चूना वालों) सहित समिति के सदस्यों ने सभी विद्वानों का सम्मान किया। सकल जैन समाज एवं प्रबंध समिति द्वारा आगामी चातुर्मास के लिए आर्यिका संघ के लिए श्रीफल समर्पित किया गया।</p>
<p><strong>शास्त्रि परिषद् कृ आर्षमार्गी विद्वानों की प्राचीन संस्था </strong></p>
<p>अध्यक्ष डॉ. श्रेयांस कुमार जैन बड़ौत ने कहा कि अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन शास्त्रि-परिषद् आर्षमार्गी विद्वानों की शताधिक वर्ष पुरानी संस्था है, जिसने धर्म, दर्शन एवं समाज के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने आयोजन के लिए प्रबंध समिति एवं सकल समाज का आभार व्यक्त करते हुए विद्वानों को आगामी कार्यों के लिए दिशा-निर्देशन प्रदान किया।</p>
<p><strong>विद्वान समाज के मार्गदर्शक दीपक हैं &#8211; आर्यिका स्वस्तिभूषण माता जी</strong></p>
<p>इस अवसर पर गणिनी आर्यिका श्री स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि विद्वान दीपक की तरह समाज को प्रकाशित करता है। समाज की समस्याओं का समाधान विद्वानों को करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को विद्वान बनाने का प्रयास करे, विद्वान अपने बच्चों को विद्वान बनाएं। माता जी ने विद्वानों के अध्ययन, साधना एवं परिश्रम की सराहना करते हुए वर्तमान समय की विसंगतियों को दूर करने में विद्वानों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई और शास्त्रि-परिषद् के कार्यों की प्रशंसा की।</p>
<p><strong>शताधिक विद्वानों की रही गरिमामयी उपस्थिति </strong></p>
<p>आयोजन में डॉ श्रेयांस कुमार जैन बडौत अध्यक्ष, ब्र. जयकुमार जैन निशांत टीकमगढ़, महामंत्री एवं संयोजक, पंडित विनोदकुमार जैन रजवांस उपाध्यक्ष, पंडित पवन दीवान सागर उपाध्यक्ष, पंडित जयंत सीकर उपाध्यक्ष, पंडित सुखमाल जैन सहारनपुर कोषाध्यक्ष, डॉ. आशीष जैन आचार्य सागर संयुक्तमंत्री, डॉ. सोनल कुमार जैन दिल्ली संयुक्त मंत्री, डॉ. सुनील जैन संचय ललितपुर प्रचारमंत्री, ब्रह्मचारी डॉ. धर्मेंद्रकुमार जैन जयपुर, पं.राजकुमार शास्त्री, सागर, ब्र. जिनेश मलैया इंदौर, सोमचंद जैन शास्त्री मैनवार (सह संयोजक शिविर), पं. प्रद्युम्न कुमार शास्त्री जयपुर ,डॉ शैलेश जैन उदयपुर , पंडित गजेन्द्र जैन (गुलगंज) केशवराव पाटन,पं उदय जैन शास्त्री कोटा, पं.जितेंद्र जैन शास्त्री, कोटा, पं.श्रीनंदन जैन, टीकमगढ़, डॉ. निर्मल शास्त्री, टीकमगढ़, पं. संजय जैन शास्त्री,टीकमगढ, डॉ राजेश शास्त्री ललितपुर, .मनीष संजू, टीकमगढ़, डॉ. भारत शास्त्री इंदौर, सचिन जैन ‘चिन्मय’ टीकमगढ, पं.विनोद जैन शास्त्री, बबीना कैंट,पं. महावीर प्रसाद जैन, आगरा, पं. इंद्रसेन जैन, सहारनपुर, ब्र. पं. कमल जैन हाथीशाह, भोपाल, डॉ. ज्योति बाबू शास्त्री, उदयपुर , डॉ ज्योति जैन खतौली, पं. अजित कुमार जैन बड़ागांव धसान , पं. सनत कुमार जैन, रजवांस, पं. विनय कुमार जैन, अहार जी, पं. अखिलेश शास्त्री, रामटोरिया , पं. सुनील कुमार जैन शास्त्री बड़ागांव, पंडित विवेक जैन (बलदेवगढ़) दिल्ली, डॉ. मनोज जैन श्निर्लिप्तश्, अलीगढ़, पं शशांक जैन सिघंई बड़ामलहरा , पं प्रशान्त शास्त्री मड़ावरा, पं कैलाश शास्त्री मैनवार, पं ऋषभ शास्त्री ललितपुर , पं. ब्रजेश शास्त्री महुआ, भीलवाड़ा ,देवेश कुमार शास्त्री बलेह , पंडित मुकेश विनम्र गुड़गांव, पं. अखिलेश शास्त्रीष्सुप्रज्ञष्रमगढा,पं.रमेशचंद जैन शास्त्री ‘दाऊ’ जोबनेर जयपुर, डॉ. राजेंद्र पाटिल, श्रवणबेलगोला, पं देवेन्द्रकुमार जैन शास्त्री, केकड़ी, पं. जयकुमार, दुर्ग, पं. संजय जैन शास्त्री टीकमगढ़, चन्द्रेश शास्त्री भोपाल, पं. शैलेंद्र जैन शास्त्री भेलसी. पं. राजकुमार शास्त्री, भगवा, पं. चक्रेश शास्त्री मुरैना, पं.उदयचंद्र शास्त्री, सागर, मनीष विद्यार्थी, सागर, पं. राजकुमार जैन, कर्द, डॉ बाहुबली जैन, इंदौर, सविता शास्त्री, बड़नगर, पं अशोक जैन शास्त्री खतौली, पं. ऋषभ कुमार जैन बड़ागांव, अंकित जैन, बडागांव (धसान) आदि शताधिक विद्वान उपस्थित रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/several_important_resolutions_passed_at_the_annual_session/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>समाज की एकता और तकनीक के संगम से संवर रहा भविष्य : जैसवाल जैन समाज ने छेड़ी बायोडाटा संकलन की अनूठी मुहिम </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology-2/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology-2/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 16:51:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jaiswal Jain Uparochian Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Biodata Collection]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jaiswal Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Unique Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Unmarried Talents Presentation Group]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अनूठी मुहिम]]></category>
		<category><![CDATA[अविवाहित प्रतिभाएं]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैसवाल जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बायोडाटा संकलन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106491</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; आगरा। समाज की प्रगति तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी को सही दिशा और अवसर मिलें। इसी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> समाज की प्रगति तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी को सही दिशा और अवसर मिलें। इसी उद्देश्य के साथ अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य लक्ष्य आगरा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 21 वर्ष से अधिक आयु के सभी विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा संकलित करना रहा।</p>
<p><strong>तकनीक और परंपरा का मेल: &#8216;जैसवाल परिणय&#8217; ऐप</strong></p>
<p>बैठक में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। दिल्ली से आए रूपेश जैन ने बताया कि वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को देखते हुए विशेष रूप से हिंदी भाषा में &#8216;जैसवाल परिणय&#8217; ऐप तैयार किया गया है। यह ऐप न केवल बच्चों की प्रतिभा को समाज के सामने लाएगा, बल्कि परिवारों को सही मेल खोजने में भी मदद करेगा।</p>
<p><strong>संकलन का महत्व: रिश्तों में आएगी सुगमता</strong></p>
<p>मुख्य संयोजक अजय जैन (शिवपुरी) ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत बायोडाटा संकलन से समाज का बिखराव रुकेगा। वहीं, भोपाल के रविन्द जैन &#8216;जमूसर&#8217; ने एक उत्साहजनक लक्ष्य साझा करते हुए बताया कि देशभर से 5 हजार बच्चों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 500 रिश्ते तय होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति</strong></p>
<p>मंगलाचरण कवि अखिलेश जैन &#8220;मंत्री&#8221; द्वारा किया गया। इस बैठक में समाज के आधा सैकड़ा से अधिक गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें एपीपीएस के संरक्षक सुदीप जैन (गुरुग्राम), सुरेश चन्द जैन (दिल्ली), मनोज जैन &#8216;बल्लो&#8217;, मुरारीलाल जैन, गौरव जैन (इंदौर), और राजकुमार जैन (धौलपुर) जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।</p>
<p><strong>समाज जनों को संदेश</strong></p>
<p>यह पहल केवल बायोडाटा जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भीतर मेल-मिलाप बढ़ाने और अपनी जड़ों को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज के इस एकजुट प्रयास से भविष्य में विवाह योग्य युवाओं के लिए बेहतर और सुलभ अवसर उपलब्ध होंगे।</p>
<p><strong>इन्होंने किए विचार प्रस्तुत</strong></p>
<p>बैठक में परम संरक्षक सुदीप जैन गुरुग्राम, सुरेश जैन साऊथ एक्स दिल्ली, गौरव जैन इंदौर ने भी संकलन के महत्व समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। श्री पार्श्वनाथ दि. जैन मंदिर छीपीटोला के अध्यक्ष मनोज जैन बल्लो, मंत्री मुरारीलाल जैन, सतेन्द्र जैन साहुला, अक्षय जैन, अजय कुमार तार वाले, प्रदीप जैन पुन्ना, महावीर जैन राजाखेडा, अभिषेक जैन, मनोज जैन बबली अलमारी वाले, प्रवीण जैन नेताजी ने भी संकलन के बारे अपने सुझाव प्रस्तुत किए।</p>
<p><strong>इनने की मीटिंग की व्यवस्था</strong></p>
<p>मीटिंग की व्यवस्था छीपीटोला आगरा के क्षेत्रीय संयोजक मनोज जैन तेहरा वाले, अखिलेश जैन मंत्री, मुकेश जैन टायर वालों ने की। बैठक में आगरा शैली के क्षेत्रीय संयोजक अजयकुमार जैन एलआईसी पत्तल गली, अनिल जैन बंटो भाई बेलनगंज, लव जैन छीपीटोला, अमित जैन छीपीटोला, पंकज जैन मोहनपुरा, सुधांशु जैन पत्तल गली प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मीटिंग के समापन पर मनोज जैन तेहरा वालों ने आभार माना।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology-2/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>समाज की एकता और तकनीक के संगम से संवर रहा भविष्य : जैसवाल जैन समाज ने छेड़ी बायोडाटा संकलन की अनूठी मुहिम </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 07 May 2026 16:49:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jaiswal Jain Uparochian Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Biodata Collection]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[jain samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Jaiswal Jain Samaj]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Unique Campaign]]></category>
		<category><![CDATA[Unmarried Talents Presentation Group]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अनूठी मुहिम]]></category>
		<category><![CDATA[अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैसवाल जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[बायोडाटा संकलन]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=106488</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230; आगरा। समाज की प्रगति तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी को सही दिशा और अवसर मिलें। इसी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। <span style="color: #ff0000">आगरा से पढ़िए, मनोज जैन नायक की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>आगरा।</strong> समाज की प्रगति तभी संभव है जब उसकी युवा पीढ़ी को सही दिशा और अवसर मिलें। इसी उद्देश्य के साथ अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज की सेवाभावी संस्था ‘अविवाहित प्रतिभाएं प्रस्तुति समूह’ (एपीपीएस) ने आगरा के जैन भवन, छीपीटोला में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। इस बैठक का मुख्य लक्ष्य आगरा और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 21 वर्ष से अधिक आयु के सभी विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा संकलित करना रहा।</p>
<p><strong>तकनीक और परंपरा का मेल: &#8216;जैसवाल परिणय&#8217; ऐप</strong></p>
<p>बैठक में आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। दिल्ली से आए रूपेश जैन ने बताया कि वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को देखते हुए विशेष रूप से हिंदी भाषा में &#8216;जैसवाल परिणय&#8217; ऐप तैयार किया गया है। यह ऐप न केवल बच्चों की प्रतिभा को समाज के सामने लाएगा, बल्कि परिवारों को सही मेल खोजने में भी मदद करेगा।</p>
<p><strong>संकलन का महत्व: रिश्तों में आएगी सुगमता</strong></p>
<p>मुख्य संयोजक अजय जैन (शिवपुरी) ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत बायोडाटा संकलन से समाज का बिखराव रुकेगा। वहीं, भोपाल के रविन्द जैन &#8216;जमूसर&#8217; ने एक उत्साहजनक लक्ष्य साझा करते हुए बताया कि देशभर से 5 हजार बच्चों का डाटा जुटाया जा रहा है, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 500 रिश्ते तय होने की उम्मीद है।</p>
<p><strong>वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति</strong></p>
<p>मंगलाचरण कवि अखिलेश जैन &#8220;मंत्री&#8221; द्वारा किया गया। इस बैठक में समाज के आधा सैकड़ा से अधिक गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें एपीपीएस के संरक्षक सुदीप जैन (गुरुग्राम), सुरेश चन्द जैन (दिल्ली), मनोज जैन &#8216;बल्लो&#8217;, मुरारीलाल जैन, गौरव जैन (इंदौर), और राजकुमार जैन (धौलपुर) जैसे प्रमुख नाम शामिल थे।</p>
<p><strong>समाज जनों को संदेश</strong></p>
<p>यह पहल केवल बायोडाटा जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के भीतर मेल-मिलाप बढ़ाने और अपनी जड़ों को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। समाज के इस एकजुट प्रयास से भविष्य में विवाह योग्य युवाओं के लिए बेहतर और सुलभ अवसर उपलब्ध होंगे।</p>
<p><strong>इन्होंने किए विचार प्रस्तुत</strong></p>
<p>बैठक में परम संरक्षक सुदीप जैन गुरुग्राम, सुरेश जैन साऊथ एक्स दिल्ली, गौरव जैन इंदौर ने भी संकलन के महत्व समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। श्री पार्श्वनाथ दि. जैन मंदिर छीपीटोला के अध्यक्ष मनोज जैन बल्लो, मंत्री मुरारीलाल जैन, सतेन्द्र जैन साहुला, अक्षय जैन, अजय कुमार तार वाले, प्रदीप जैन पुन्ना, महावीर जैन राजाखेडा, अभिषेक जैन, मनोज जैन बबली अलमारी वाले, प्रवीण जैन नेताजी ने भी संकलन के बारे अपने सुझाव प्रस्तुत किए।</p>
<p><strong>इनने की मीटिंग की व्यवस्था</strong></p>
<p>मीटिंग की व्यवस्था छीपीटोला आगरा के क्षेत्रीय संयोजक मनोज जैन तेहरा वाले, अखिलेश जैन मंत्री, मुकेश जैन टायर वालों ने की। बैठक में आगरा शैली के क्षेत्रीय संयोजक अजयकुमार जैन एलआईसी पत्तल गली, अनिल जैन बंटो भाई बेलनगंज, लव जैन छीपीटोला, अमित जैन छीपीटोला, पंकज जैन मोहनपुरा, सुधांशु जैन पत्तल गली प्रमुख रूप से उपस्थित थे। मीटिंग के समापन पर मनोज जैन तेहरा वालों ने आभार माना।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/the_future_is_being_shaped_by_the_confluence_of_social_unity_and_technology/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री बने संजीव जैन शास्त्री : इस मनोनयन ने महरौनी का बढ़ाया गौरव </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_jain_shastri_became_the_general_secretary_of_jain_academic_council/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_jain_shastri_became_the_general_secretary_of_jain_academic_council/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 09:56:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Vidvat Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[General Secretary]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Darshancharya]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[jain samachar]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Vidvat Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Mahroni]]></category>
		<category><![CDATA[Sanjeev Jain Shastri]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन दर्शनाचार्य]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन विद्वत् परिषद्]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[महरौनी]]></category>
		<category><![CDATA[महामंत्री]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[संजीव जैन शास्त्री]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104469</guid>

					<description><![CDATA[महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230; महरौनी(ललितपुर)। महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। <span style="color: #ff0000">महरौनी से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>महरौनी(ललितपुर)।</strong> महरौनी नगर के लिए गौरव का विषय है कि शिक्षक एवं जैन दर्शनाचार्य संजीवकुमार जैन को अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद् के महामंत्री पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। यह चयन अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय विद्वत् संगोष्ठी के दौरान साधारण सभा में शताधिक विद्वानों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर आगामी तीन वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।</p>
<p><strong>कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से हैं सम्मानित </strong></p>
<p>उल्लेखनीय है कि अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन विद्वत् परिषद् की स्थापना सन् 1944 में क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद जी वर्णी की प्रेरणा से हुई थी। यह संस्था देशभर के जैन विद्वानों की प्रतिनिधि संस्था के रूप में कार्य कर रही है। संजीव जैन शास्त्री महरौनी (ललितपुर) के निवासी हैं तथा जैन दर्शनाचार्य (स्वर्ण पदक) से सम्मानित हैं। उन्हें सन् 2003 एवं 2004 में दिल्ली सरकार ने संस्कृत प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके अतिरिक्त उन्हें वीरचंद राघव गांधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा पुरस्कार के अंतर्गत छात्रवृत्ति भी प्राप्त हुई है। वर्ष 2022 में श्री श्रमण संस्कृति संस्थान ने स्नातक पुरस्कार से सम्मानित किया। वर्तमान में वे उत्तरप्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत 200 विद्यालयों में संचालित ‘लीप प्रोजेक्ट’ की समिति के सदस्य भी हैं।</p>
<p><strong>विभिन्न संगठनों और समाजजनों ने बधाई दी </strong></p>
<p>यह चयन मुनि श्री प्रणुत सागर जी के मंगल सान्निध्य एवं परिषद् के तत्वावधान में हुआ। संजीवकुमार जैन के इस मनोनयन से क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है तथा उन्हें दिगंबर जैन पंचायत समिति, श्री यशोदय तीर्थ कमेटी, श्री शांतिनाथ मंदिर कमेटी, श्री चंद्राप्रभु जिनालय कमेटी, श्री सर्वतोभद्र जैन सोशल ग्रुप सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बधाइयां दीं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_jain_shastri_became_the_general_secretary_of_jain_academic_council/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>डॉ.संजीव सराफ को जिनवाणी गौरव अवार्ड से हुए अलंकृत : राष्ट्रीय जैन सम्मेलन एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती समारोह हुआ </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_saraf_was_honored_with_the_jinvani_gaurav_award/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_saraf_was_honored_with_the_jinvani_gaurav_award/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Apr 2026 06:19:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[50th Golden Jubilee Celebrations]]></category>
		<category><![CDATA[50वें स्वर्ण जयंती समारोह]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Youth Council]]></category>
		<category><![CDATA[Ascetic]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Sanjeev Saraf]]></category>
		<category><![CDATA[Former Deputy Librarian]]></category>
		<category><![CDATA[Ganini Pramukh Aryika Shri Gyanmati Mataji. जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[jain monk]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Nun]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[National Jain Conference]]></category>
		<category><![CDATA[Sagar University]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनि प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ. संजीव सराफ]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[पूर्व डिप्टी लाइब्रेरियन]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय जैन सम्मेलन]]></category>
		<category><![CDATA[सागर यूनिवर्सिटी]]></category>
		<category><![CDATA[साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=104036</guid>

					<description><![CDATA[राष्ट्रीय जैन सम्मेलन एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती समारोह एवं अवार्ड समर्पण के अवसर पर सागर यूनिवर्सिटी के पू्र्व छात्र, पूर्व डिप्टी लाइब्रेरियन और वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पदस्थ डॉ. संजीव सराफ को जिनवाणी की सेवा में समर्पित योगदान के कारण जिनवाणी गौरव अवार्ड से सम्मानित किया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>राष्ट्रीय जैन सम्मेलन एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती समारोह एवं अवार्ड समर्पण के अवसर पर सागर यूनिवर्सिटी के पू्र्व छात्र, पूर्व डिप्टी लाइब्रेरियन और वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पदस्थ डॉ. संजीव सराफ को जिनवाणी की सेवा में समर्पित योगदान के कारण जिनवाणी गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, रत्नेश जैन रागी की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>अयोध्या (सागर)।</strong> 500 से ज्यादा ग्रंथों की रचिता, जैन धर्म की 92 वर्ष की गणिनि प्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी के मंगल सानिध्य में तीर्थंकर ऋषभदेव जैन विद्वत महासंघ द्वारा बड़ी मूर्ति जैन मंदिर अयोध्या में आयोजित राष्ट्रीय जैन सम्मेलन एवं अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती समारोह एवं अवार्ड समर्पण के अवसर पर सागर यूनिवर्सिटी के पू्र्व छात्र, पूर्व डिप्टी लाइब्रेरियन और वर्तमान में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पदस्थ डॉ. संजीव सराफ को जिनवाणी की सेवा में समर्पित योगदान के कारण जिनवाणी गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। अवार्ड में इक्कीस हजार की नगद राशि, शाल, श्रीफल, ग्रन्थ, स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।</p>
<p>इस समारोह में शास्वत तीर्थ अयोध्या की श्री दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के पीठाधीश स्वस्ति श्री रविंद्रकीर्ति स्वामी जी, न्यायमूर्ति श्रीमती विमला जी जैन भोपाल , सुरेश जैन आईएएस भोपाल, आईआईटी रुड़की के प्रो. अशोक जैन, राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान पटना के डायरेक्टर प्रो. पी. के. जैन, इंदौर यूनिवर्सिटी के डॉ. अनुपम जैन, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. आशाराम त्रिपाठी एवं प्रो. आनंद वर्धन शर्मा, उत्तर प्रदेश की संस्कृति मंत्रालय के जैन विद्या शोध संस्थान के उप अध्यक्ष प्रो. अभय कुमार जैन, इंदौर यूनिवर्सिटी की पूर्व कुलपति प्रो. रेणु जैन, राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. राजीव जैन, महासंघ महामंत्री विजय कुमार जैन, डॉ. जीवन प्रकाश जैन, हसमुख गांधी जैन, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉ. संजय जैन सहित अनेक गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति रही। डॉ. संजीव सराफ को इस महत्वपूर्ण अवार्ड से सम्मानित होने पर भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी मध्यांचल के प्रचार प्रमुख एवं जैन तीर्थ नैनागिरि ट्रस्ट कमेटी के मंत्री व द्रोणगिरि सिद्धक्षेत्र के उपाध्यक्ष राजेश जैन रागी, द्रोणगिरि सिद्धक्षेत्र के ट्रस्ट मंत्री सुनील घुवारा, प्रबंध मंत्री सनत कुमार कुटोरा, प्राचार्य सुमतिप्रकाश सहित अनेक गणमान्य महानुभावों ने बधाई शुभकामनाएं प्रेषित की है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/sanjeev_saraf_was_honored_with_the_jinvani_gaurav_award/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस पर भव्य समारोह संपन्न: अयोध्या में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का हुआ आयोजन  </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shree Phal News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 04 Jan 2026 14:37:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[50th Golden Jubilee Foundation Day]]></category>
		<category><![CDATA[50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Youth Council]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[Ganini Pramukh Shri Gyanmati Mataji]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[अयोध्या]]></category>
		<category><![CDATA[गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=97726</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। अयोध्या से पढ़िए, यह खबर&#8230; अयोध्या। अखिल [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। <span style="color: #ff0000">अयोध्या से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span><del></p>
<hr />
<p></del></strong></p>
<p><strong>अयोध्या।</strong> अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद का 50वाँ स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस दिव्यशक्ति भारतगौरव गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के पावन सान्निध्य में 1 जनवरी को शाश्वत तीर्थ में मनाया गया। इस अवसर पर जहाँ पूज्य माताजी द्वारा देश के युवाओं के नाम संदेश एवं मंगल आशीर्वाद प्रदान किया गया। वहीं युवा परिषद की मार्गदर्शिका आर्यिका श्री चंदनामती माताजी ने 1 जनवरी 2026 से 1 जनवरी 2027 तक ‘‘युवा परिषद स्वर्ण जयंती वर्ष” की घोषणा करके समस्त युवा परिषद को 1 साल इसे विशिष्ट आयोजनों के साथ मनाने की प्रेरणा प्रदान की।</p>
<p><strong>’राष्ट्रीय स्तर पर दीपप्रज्ज्वलन एवं महामस्तकाभिषेक</strong></p>
<p>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद् के राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन जयपुर ने अवगत कराया कि समारोह में अयोध्या में विराजमान 31 फुट उत्तुंग भगवान ऋषभदेव प्रतिमा का 1 जनवरी को भव्य दिव्य पंचामृत महामस्तकाभिषेक 50 किलो दूध के साथ अनेक प्रकार की सर्वाेषधियों से संपन्न किया गया एवं शांतिधारा की गयी। जिसका सौभाग्य विशेषरूप से कमल कासलीवाल मुम्बई ने प्राप्त किया। पुनरू इस अवसर पर सामूहिक ऑनलाइन दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से देश की विभिन्न युवा परिषद शाखाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भगवान ऋषभदेव जूम चौनल से जुड़कर अपने-अपने स्थानीय जिनमंदिरों, कार्यालय अथवा विभिन्न स्थानों पर एकत्रित होकर दीप प्रज्वलन भी किया।</p>
<p>राष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या में माताजी के समक्ष यह दीप प्रज्वलन युवा परिषद के परामर्श प्रमुख कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामीजी की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन के साथ केन्द्रीय संगठन मंत्री निधेश जैन-टिकैतनगर तथा मुम्बई शाखा से विशेष उपस्थित गौरव अध्यक्ष कमल कुमार कासलीवाल, लखनऊ शाखा अध्यक्ष शुभचंद्र जैन सर्राफ, बाराबंकी शाखा महामंत्री तेज कुमार जैन, महमूदाबाद शाखा से योगेश जैन ’पुच्चू’, टिकैतनगर शाखा से प्रिंस जैन, प्रांकुल जैन, प्रांजल जैन, संघ के संघपति श्री अनिल कुमार जैन, प्रीतविहार-दिल्ली तथा लखनऊ से विशिष्ट युवा साथी अध्यात्म-अर्पिता जैन सर्राफ व दिनेश-राधा जैन आदि महानुभावों द्वारा किया गया।</p>
<p><strong>ऑनलाइन दीप प्रज्वलन में यह रहे मौजूद</strong></p>
<p>इस अवसर पर ऑनलाइन दीप प्रज्जवलन करने हेतु केन्द्रीय संरक्षक मदन जैन-दिल्ली, विकास जैन-वैशाली, नितिन भाई शाह-न्यूजर्सी (अमेरिका), राष्ट्रीय मुख्य संयोजक विजय कुमार जैन-जम्बूद्वीप, राष्ट्रीय महामंत्री उदयभान जैन-जयपुर, उपाध्यक्ष पवन जैन-घुवारा व कमलेश भाई शाह-नार्थ कैरोलिना (अमेरिका), उत्तरप्रदेश अध्यक्ष आदीश जैन सर्राफ-लखनऊ, महामंत्री रितेश जैन-लखनऊ, राजस्थान महामंत्री विमल बज-जयपुर, बुन्देलखण्ड अध्यक्ष अंकित जैन-हीरापुर, खण्डवा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र-सपना जैन, तेलंगाना महामंत्री गौरव जैन-हैदराबाद, कोल्हापुर कार्याध्यक्ष अभिषेक जैन पाटिल, निमाड़ प्रान्तीय अध्यक्ष एडवोकेट अंजना जैन-बड़वानी, अकोला संयोजक प्रवीण-सारिका बिलाला, जयपुर हेरिटेज शाखा मंत्री नरेश छाबड़ा, तथा प्रीति पाटनी-संभाजीनगर आदि विभिन्न सामाजिक श्रावक-श्राविकाएं भी दीप प्रज्ज्वलन में उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>आशीर्वचन दिए गए</strong></p>
<p>इस अवसर पर पूज्य माताजी ने अपना संदेश देते हुए सभी युवा साथियों को अपनी शक्ति का सदुपयोग समाज और धर्म के विकास में करने की प्रेरणा दी और युवा परिषद के माध्यम से अपने कार्यकलापों को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश भी दिया।</p>
<p><strong>आगामी 5 अप्रैल को अयोध्या में भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन</strong></p>
<p>इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. जीवन प्रकाश जैन ने अपने उद्बोधन में युवा परिषद की समस्त शाखाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने कार्यकलापों की प्रभावना करने का लक्ष्य रखने की प्रेरणा प्रदान की। आपने स्वर्ण जयंती वर्ष के अन्तर्गत सभी शाखाओं को स्थाई और अस्थाई योजनाओं के माध्यम से स्वर्ण जयंती को चिरस्थाई बनाने का भी आह्वान किया। इसके साथ ही आगामी दिनाँक 5 अप्रैल 2026, रविवार को शाश्वत तीर्थ अयोध्या में गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी के 71वें आर्यिका दीक्षा दिवस एवं युवा परिषद के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय अधिवेशन एवं अवार्ड समर्पण समारोह आदि आयोजन की भी घोषणा की।</p>
<p><strong>इन्होंने विचार रखे</strong></p>
<p>इसी के साथ अध्यक्ष महोदय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर युवा परिषद के 50 वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन 11 जनवरी को प्रातः 6 से 8 बजे तक भगवान ऋषभदेव ज़ूम चैनल के माध्यम से पारस टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण करके ऑनलाइन मनाने की भी घोषणा की गई। समारोह में राष्ट्रीय महामंत्री श्री उदयभान जैन ने भी समस्त शाखा के पदाधिकारियों को बढ़-चढ़कर स्वर्ण जयंती के अवसर पर अपने अपने क्षेत्रों में धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम आयोजित कर स्वर्ण जयंती वर्ष मनाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही कमल कासलीवाल-मुम्बई, शुभचंद्र जैन सर्राफ-लखनऊ, संजयराजा-मुम्बई, निधेश जैन-टिकैतनगर, श्रेयांस जैन-नागपुर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।</p>
<p><strong>स्वर्णिम स्थापना दिवस पर अनेक शाखाओं ने किए विविध आयोजन</strong></p>
<p>युवा परिषद के 50वें स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस पर अनेक शाखाओं ने स्थानीय स्तर पर विविध आयोजन करके इसे मनाया। दिल्ली प्रदेश शाखा द्वारा आवश्यकमंदों को ठंड में गर्म कपड़ों का वितरण, टिकैतनगर शाखा द्वारा 750 भक्तों को सम्मेदशिखरजी तीर्थ यात्रा, इंदौर शाखा द्वारा 550 भक्तों को सम्मेदशिखरजी तीर्थ यात्रा, तथा इसी प्रकार कामां, कोटा, बुन्देलखंड, हेरिटेज-जयपुर, ऋषभदेव-केशरियाजी, हटा जी आदि विभिन्न स्थानों पर भी स्वर्ण जयंती मनायी गई।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/a_grand_ceremony_was_held_to_mark_the_50th_golden_jubilee_foundation_day/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पांचवीं स्नातकोत्तर उपाधि पर हुआ प्राप्त : डॉ. सोनल कुमार जैन को जैनागम एवं प्राकृत साहित्य में स्वर्ण पदक </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/dr_sonal_kumar_jain_was_awarded_the_gold_medal_in_jainagam_and_prakrit_literature/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/dr_sonal_kumar_jain_was_awarded_the_gold_medal_in_jainagam_and_prakrit_literature/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 24 Dec 2025 12:33:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Shastri Parishad]]></category>
		<category><![CDATA[Chaturmas]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[discourse]]></category>
		<category><![CDATA[Dr. Sonal Kumar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Governor श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Gulab Chand Kataria]]></category>
		<category><![CDATA[Haribhau Bagde]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Mohanlal Sukhadia University]]></category>
		<category><![CDATA[religious meeting]]></category>
		<category><![CDATA[Sagar]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[udaipur]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[उदयपुर]]></category>
		<category><![CDATA[गुलाब चंद कटारिया]]></category>
		<category><![CDATA[चातुर्मास]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[डॉ. सोनल कुमार जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[धर्मसभा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रवचन]]></category>
		<category><![CDATA[मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[राज्यपाल]]></category>
		<category><![CDATA[सागर]]></category>
		<category><![CDATA[हरिभाऊ बागड़े]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=96984</guid>

					<description><![CDATA[मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में जैन दर्शन एवं प्राकृत साहित्य विषय में एम.ए. परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रीपरिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री एवं युवा मनीषी डॉ. सोनल कुमार जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। पढ़िए मनीष विद्यार्थी सागर की विशेष रिपोर्ट&#8230; सागर। मोहनलाल सुखाड़िया [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में जैन दर्शन एवं प्राकृत साहित्य विषय में एम.ए. परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रीपरिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री एवं युवा मनीषी डॉ. सोनल कुमार जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। <span style="color: #ff0000">पढ़िए मनीष विद्यार्थी सागर की विशेष रिपोर्ट&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सागर</strong>। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय,उदयपुर के 33वें दीक्षांत समारोह में जैन दर्शन एवं प्राकृत साहित्य विषय में एम.ए. परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रीपरिषद् के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री एवं युवा मनीषी डॉ. सोनल कुमार जैन को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उल्लेखनीय है कि मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से 202 महाविद्यालय संबद्ध हैं। इस दीक्षांत समारोह में कुल 254 शोधोपाधियां तथा 109 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।</p>
<p>समारोह में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा तथा राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। स्वर्ण पदक का वितरण इन विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। दीक्षांत समारोह का मुख्य दीक्षांत भाषण पंजाब के राज्यपाल एवं केंद्रशासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दिया।</p>
<p>डॉ. सोनल कुमार जैन को यह स्वर्ण पदक उनकी पांचवीं स्नातकोत्तर उपाधि पर प्राप्त हुआ है। यह अब तक उन्हें मिलने वाला सातवां स्वर्ण पदक है। उनकी इस उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि पर अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रिपरिषद् सहित देशभर के विद्वानों, शिक्षाविदों, मनीषी विद्यार्थियों, सागर परिजनों एवं समाजजनों ने उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/dr_sonal_kumar_jain_was_awarded_the_gold_medal_in_jainagam_and_prakrit_literature/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मंदिर मूर्ति विज्ञान पर पहली वैश्विक कार्यशाला: प्रतिष्ठा मुहूर्त के संदर्भ में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/first_global_workshop_on_temple_iconography/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/first_global_workshop_on_temple_iconography/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 13 Jun 2025 06:26:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[Acharya Shri Samaysagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Shastri Council]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[First Global Workshop]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Muni Shri Durlabh Sagar Ji]]></category>
		<category><![CDATA[Pathari]]></category>
		<category><![CDATA[Saidpur]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Temple Iconography]]></category>
		<category><![CDATA[Vidisha]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[आचार्य श्री समयसागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[पठारी]]></category>
		<category><![CDATA[पहली वैश्विक कार्यशाला]]></category>
		<category><![CDATA[मंदिर मूर्ति विज्ञान]]></category>
		<category><![CDATA[मुनि श्री दुर्लभ सागर जी]]></category>
		<category><![CDATA[विदिशा]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[सैदपुर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=82878</guid>

					<description><![CDATA[सैदपुर गांव में 3 से 5 जून तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय मूर्ति कला संगोष्ठी हुई। आयोजन आचार्य श्री समयसागर जी के आशीर्वाद, मुनि श्री अभयसागर जी महाराज की प्रेरणा और मुनि श्री दुर्लभ सागर जी के सानिध्य में हुआ। प्रामाणिक मूर्ति शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी इस दौरान लिया गया। सैदपुर [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>सैदपुर गांव में 3 से 5 जून तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय मूर्ति कला संगोष्ठी हुई। आयोजन आचार्य श्री समयसागर जी के आशीर्वाद, मुनि श्री अभयसागर जी महाराज की प्रेरणा और मुनि श्री दुर्लभ सागर जी के सानिध्य में हुआ। प्रामाणिक मूर्ति शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी इस दौरान लिया गया। <span style="color: #ff0000">सैदपुर से पढ़िए, डॉ. संजय जैन संचय की यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>सैदपुर (पठारी)।</strong> विदिशा जिले के पठारी क्षेत्र अंतर्गत सैदपुर गांव में 3 से 5 जून तक त्रिदिवसीय राष्ट्रीय मूर्ति कला संगोष्ठी हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्री विद्यासागर जी के शिष्य मुनि श्री दुर्लभ सागर जी के सानिध्य में दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ। संगोष्ठी के संयोजक और शास्त्री परिषद के महामंत्री ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने बताया कि संगोष्ठी का उद्देश्य प्राचीन भारतीय मूर्तिकला परंपरा को समर्पित चिंतन, विमर्श और आधुनिक संदर्भों में उसकी पुनः परिभाषा रहा। आयोजन आचार्य श्री समयसागर जी के आशीर्वाद, मुनि श्री अभयसागर जी महाराज की प्रेरणा और मुनि श्री दुर्लभ सागर जी के सानिध्य में हुआ। प्राचीन जैन मंदिर एवं मूर्तिकला परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से मंदिर एवं मूर्ति विज्ञान पर इतिहास की पहली वैश्विक कार्यशाला का भव्य आयोजन सैदपुर (पठारी) में किया गया। कार्यशाला में जैन आगम, मूर्ति निर्माण, मूर्ति विज्ञान की वैज्ञानिक विधियां और प्रतिष्ठा के शुभ मुहूर्त पर विस्तार से शोधपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं।</p>
<p>मुनि श्री के चिंतन, संयोजन, एवं कार्यशैली ने उपस्थित अंतरराष्ट्रीय विद्वानों एवं प्रशिक्षणार्थियों को गहन चिंतन के लिए प्रेरित किया। सार्थकता एवं शोध का समन्वय रू इस कार्यशाला में मूर्तियों के माप-मान, पाषाण शोधन की पारंपरिक विधियां और आगमिक मान्यताओं के अनुरूप शुद्ध मूर्ति निर्माण प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। सुकृति कला केंद्र द्वारा निर्मित प्रामाणिक मूर्ति शिल्प को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी इस दौरान लिया गया।</p>
<p><strong>प्रमुख वक्ता और विशिष्ट अतिथियों के हुए उद्बोधन </strong></p>
<p>संगोष्ठी में विद्वानों ने विभिन्न विषयों पर शोधपूर्ण वक्तव्य प्रस्तुत किए। इस अवसर पर प्रो. मारुतिनंदन तिवारी (वीडियो रिकार्डिंग के जरिए), प्रोफेसर जयकुमार उपाध्ये दिल्ली, ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत टीकमगढ़, डॉ.नरेंद्रकुमार जैन टीकमगढ़, राजेंद्र जैन वास्तुविद इंदौर, ब्रह्मचारी संदीप सरल बीना, इंजीनियर श्वेता जैन दिल्ली, प्रियंक जैन दिल्ली, पंडित विनोदकुमार जैन रजवांस, पंडित महेश जैन डीमापुर, शिशिर जैन दिल्ली, रुपेश जैन विदिशा, आकाश, डॉ. योगानंद, प्रमोद बेंगलुरु, पंडित मुकेश विनम्र गुड़गांव, डॉ.आशीष जैन शिक्षाचार्य दमोह, मनोज, नवीन शास्त्री बेंगलुरु, मनु शर्मा दिल्ली, विशेष वर्मा, बलराम, संतोष रमण, सजल जैन जबलपुर, आयुष जैन सागर, डॉ. प्रणव पुणे, राजुल रविचंद्रन आदि ने अपने शोध लेखों को प्रस्तुत किया।</p>
<p>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्री परिषद द्वारा प्रतिष्ठा मुहूर्त के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। जिसे शीघ्र ही समाज के समक्ष प्रामाणिक संदर्भों सहित प्रस्तुत किया जाएगा। प्रतिष्ठाचार्यगण एवं शास्त्रीगण इस दिशा में पूरी सहभागिता देंगे।</p>
<p><strong>श्रद्धा और समर्पण की मिसाल</strong></p>
<p>कार्यशाला का आयोजन इंजीनियर प्रियंक जैन, श्वेता जैन, आयुष जैन, श्रेष्ठा जैन एवं उनकी टीम के दीर्घकालिक परिश्रम का परिणाम रहा। कार्यशाला की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि सैदपुर जैसे बीहड़ क्षेत्र में इतनी उत्तम व्यवस्था अपने आप में प्रेरणास्पद है। शोध आलेखों का अनुकरणीय प्रस्तुतीकरण, कार्यशाला में उपस्थित आलेख वाचकों ने पीपीटी और संभाषण के माध्यम से जो प्रस्तुतीकरण किया। वह ज्ञानवर्धक एवं अनुकरणीय रहा। प्रत्येक शोधार्थी ने जैन मूर्तिकला के शास्त्रीय एवं तकनीकी पक्षों को व्यावहारिक अनुभवों के साथ साझा किया।</p>
<p><strong>सम्यक् जागरण का आह्वान</strong></p>
<p>कार्यशाला संयोजक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे इस ज्ञान को समाज तक पहुंचाकर विशुद्ध मूर्ति निर्माण, मंदिर निर्माण एवं प्रतिष्ठा विधि में शुभ और शास्त्र सम्मत परंपराओं को पुनः स्थापित करें। मुनि श्री दुर्लभ सागर जी को सादर नमोस्तु करते हुए उन्होंने सभी सहयोगियों, विद्वानों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं को साधुवाद दिया।</p>
<p><strong>सैदपुर को मिलेगा मूर्तिकला केंद्र का दर्जा  </strong></p>
<p>मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने घोषणा की कि सैदपुर को शीघ्र ही एक राष्ट्रीय मूर्तिकला केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यह केंद्र न केवल जैन परंपरा की मूर्ति निर्माण तकनीकों का प्रशिक्षण देगा, बल्कि शोध, सृजन और संरक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पारंपरिक शिल्प के साथ आधुनिक तकनीकों का भी समावेश किया जाएगा। आयोजन में अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन शास्त्रि-परिषद के शताधिक विद्वानों की गरिमापूर्ण उपस्थिति रही। इस मौके पर शास्त्री परिषद का अधिवेशन और कार्यकारिणी बैठक का आयोजन भी किया गया। जिसमें विद्वानों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव और विचार रखे। आयोजन समिति ने विद्वानों का सम्मान किया।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/first_global_workshop_on_temple_iconography/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज्ञान आराधना और शास्त्र रक्षा का महापर्व है श्रुत पंचमी : विद्वत् परिषद के तत्वावधान हुई व्याख्यानमाला </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/shrut_panchami_is_a_great_festival_of_worship_of_knowledge_and_protection_of_scriptures/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/shrut_panchami_is_a_great_festival_of_worship_of_knowledge_and_protection_of_scriptures/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 01 Jun 2025 16:05:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[All India Digambar Jain Scholar Council (Regd.)]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[Lecture Series]]></category>
		<category><![CDATA[mangalacharan]]></category>
		<category><![CDATA[National Lecture Series]]></category>
		<category><![CDATA[Shriphal Jain News]]></category>
		<category><![CDATA[Shrut Panchami]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<category><![CDATA[मंगलाचरण]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय व्याख्यानमाला]]></category>
		<category><![CDATA[व्याख्यानमाला]]></category>
		<category><![CDATA[श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[श्रुत पंचमी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=82127</guid>

					<description><![CDATA[श्रुत पंचमी प्राकृत दिवस के रूप में मनाई जाती है।भारत सरकार ने हाल में प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित किया है। श्रुत संरक्षण में जहां एक ओर श्रमण परंपरा का अमूल्य योगदान वहीं विद्वानों का योगदान भी अविस्मरणीय है। ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230; ललितपुर। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद (रजि) के तत्वावधान [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>श्रुत पंचमी प्राकृत दिवस के रूप में मनाई जाती है।भारत सरकार ने हाल में प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित किया है। श्रुत संरक्षण में जहां एक ओर श्रमण परंपरा का अमूल्य योगदान वहीं विद्वानों का योगदान भी अविस्मरणीय है। <span style="color: #ff0000">ललितपुर से पढ़िए, यह खबर&#8230;</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ललितपुर</strong>। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन विद्वत् परिषद (रजि) के तत्वावधान में जैनधर्म के प्रमुख पर्व श्रुतपंचमी महापर्व पर श्रुत संरक्षण में विद्वानों की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय व्याख्यानमाला का आयोजन परिषद के अध्यक्ष प्रोफेसर अशोककुमार जैन वाराणसी ( प्रोफेसर काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी) की अध्यक्षता में आयोजित हुई।</p>
<p>व्याख्यान माला का शुभारंभ कुमारी आर्या जैन भोपाल के द्वारा प्रस्तुत प्राकृत भाषा के मंगलाचरण से हुआ। स्वागत भाषण परिषद के महामंत्री प्रोफेसर विजय कुमार जैन लखनऊ ने किया। परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेन्द्र भारती बुरहानपुर ने परिषद की गतिविधियों की जानकारी दी। संचालन डॉ. सुनील संचय ललितपुर ( कार्यकारिणी सदस्य) ने किया। आभार व्यक्त परिषद के कोषाध्यक्ष महेन्द्र कुमार जैन प्राचार्य, मुरैना ने किया। तकनीकी संयोजन डॉ. प्रदीप जैन तारादेही ( कार्यकारणी सदस्य) ने किया।</p>
<p>अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रोफेसर अशोक कुमार जैन वाराणसी ने कहा कि श्रुत के संरक्षण और संवर्धन में श्रमण परंपरा और विद्वानों की महती भूमिका रही है। प्राकृत पर्व के रूप में यह पर्व मनाना चाहिए। विद्वानों ने केवल द्रव्य श्रुत का ही नहीं भाव श्रुत के संरक्षण भी योगदान दिया है। साधुवर्ग, विद्वानों और श्रेष्ठियों को मिलकर श्रुत का संरक्षण करना चाहिए।</p>
<p>यह महापर्व न केवल शास्त्रों और ज्ञान के प्रति श्रद्धा प्रकट करता है, बल्कि संस्कृति, भाषा और परंपरा की महत्ता को भी उजागर करता है।</p>
<p>इस मौके पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रोफेसर सुदर्शनलाल जैन भोपाल ( पूर्व संकाय प्रमुख संस्कृत विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी ) ने कहा कि ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी तिथि को मनाए जाने वाला श्रुतपंचमी पर्व भारतीय संस्कृति में एक अनूठा पर्व है । श्रुतसंरक्षण केवल शास्त्रों के लेखन और संपादन से ही नहीं होता है शास्त्रों में वर्णित आचार और विचार का परिपालन करने से श्रुत की सच्ची प्रभावना होती है । प्रोफेसर सुदर्शन लाल जैन ने श्रुत पंचमी के ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डाला तथा वर्तमान में विद्वानों को श्रुत के संरक्षण की दिशा में कैसे कार्य करना है इस पर उन्होंने अनेक सुझाव दिए।</p>
<p>युवा वक्ता के रूप में युवा मनीषी, चिंतक डॉ. पंकज जैन (ललितपुर वाले) भोपाल ने कहा कि श्रुत पंचमी पर्व के द्वारा दिगम्बर जैन साहित्य की प्राचीनता और प्रामाणिकता पुष्ट होती । श्रुतलेखन का इतना प्राचीन और पुष्ट प्रमाण किसी अन्य परंपरा में प्राप्त नहीं होता है । श्रुत संरक्षण में जहां एक और श्रमण परंपरा का अमूल्य योगदान है वहीं श्रुत संरक्षण में गृहस्थ विद्वानों के योगदान को विस्मृत नहीं किया जा सकता है । श्रुत संरक्षण में राष्ट्रकूट वंश के शासक राजर्षि अमोघवर्ष और चामुंडराय ने भी ग्रंथ लेखन का कार्य किया है । अपभ्रंश के महाकवि पुष्पदंत और रइधू का भी श्रुतसंरक्षण में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है। पंडित आशाधर जी, पंडित टोडरमल जी, पंडित दौलत राम जी आदि विद्वानों ने श्रुत संरक्षण की दिशा में अविस्मरणीय अवदान दिया है । जैन भक्त कवियों में पंडित द्यानतराय जी, पं. बनारसी दास जी , कवि वृंदावन जी, कवि भूधरदास एवं कवि संतलाल जी आदि का अविस्मरणीय अवदान है । 19वीं और 20वीं शती में गुरूणामगुरु पं. गोपालदास जी बरैया, क्षुल्लक श्री गणेश प्रसाद जी वर्णी, प्रोफेसर हीरालाल जी जैन अमरावती, सिद्धांतशास्त्री पंडित हीरालाल जी साडूमल, पंडित फूलचंद जी सिद्धांतशास्त्री, पंडित कैलासचंद जी शास्त्री, पंडित दरबारीलाल जी कोठिया, पंडित महेंद्र कुमार जी न्यायाचार्य, पंडित सुमेरुचंद जी दिवाकर आदि विद्वानों ने अथक सारस्वत श्रम किया है। वर्तमान विद्वानों को ज्ञान पक्ष के साथ-साथ अचार पक्ष पर ध्यान देने की अत्यधिक आवश्यकता है।</p>
<p>इस मौके पर जर्मनी से डॉ सुरेन्द्र जैन भारती, चंद्रेश शास्त्री भोपाल, सुरेन्द्र जैन वाराणसी, शीलचंद्र शास्त्री ललितपुर, पंडित जयकुमार जैन, संजीव शास्त्री आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी को षटखंडागम ग्रंथ की रचना पूर्ण हुई थी जो कि प्राकृत भाषा में है। हाल ही में केंद्र सरकार ने प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/shrut_panchami_is_a_great_festival_of_worship_of_knowledge_and_protection_of_scriptures/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद शाखा ऋषभदेव की बैठक आयोजित : आशीष अध्यक्ष, कुशल महामंत्री मनोनीत </title>
		<link>https://www.shreephaljainnews.com/akhil_bharatvarshiya_digamber_jain_yuva_parishad_shakha_rishabhdevs_meeting_was_held/</link>
					<comments>https://www.shreephaljainnews.com/akhil_bharatvarshiya_digamber_jain_yuva_parishad_shakha_rishabhdevs_meeting_was_held/#respond</comments>
		
		<dc:creator><![CDATA[Shreephal Jain News]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 Nov 2024 14:23:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[akhil bharatvarshiya digamber jain yuva parishad shakha rishabhdev ki meeting aayojit श्रीफल जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Jain]]></category>
		<category><![CDATA[Digambar Sadhu]]></category>
		<category><![CDATA[jain community]]></category>
		<category><![CDATA[Jain muni]]></category>
		<category><![CDATA[jain news]]></category>
		<category><![CDATA[jain sadhvi]]></category>
		<category><![CDATA[Jain Society]]></category>
		<category><![CDATA[shreephal jain news]]></category>
		<category><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[जैन न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन मुनि]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समाज]]></category>
		<category><![CDATA[जैन समुदाय]]></category>
		<category><![CDATA[जैन साध्वी]]></category>
		<category><![CDATA[जैन सोसायटी]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर जैन]]></category>
		<category><![CDATA[दिगंबर साधु]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://www.shreephaljainnews.com/?p=70421</guid>

					<description><![CDATA[अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद शाखा ऋषभदेव की बैठक आयोजित की गई जिसमें से सर्वसम्मति शाखा की नई कार्यकारणी का चयन मनोनीत कर किया गया । विस्तार से पढ़िए सचिन गंगावत की। रिपोर्ट । ऋषभदेव । अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद शाखा ऋषभदेव की आज महावीर नगर मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<hr />
<p><strong>अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद शाखा ऋषभदेव की बैठक आयोजित की गई जिसमें से सर्वसम्मति शाखा की नई कार्यकारणी का चयन मनोनीत कर किया गया । <span style="color: #ff0000">विस्तार से पढ़िए सचिन गंगावत की। रिपोर्ट ।</span></strong></p>
<hr />
<p><strong>ऋषभदेव ।</strong> अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन युवा परिषद शाखा ऋषभदेव की आज महावीर नगर मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। प्रदेश संयुक्त महामंत्री सचिन गनोडिया ने बताया कि सर्वसम्मति से संरक्षक मिथिलेश भंवरा, अध्यक्ष आशीष गांधी, महामंत्री कुशल शाह, उपाध्यक्ष अक्षय दलावत, कोषाध्यक्ष नितीश जैन, सह मंत्री अमित गनोडिया तथा सांस्कृतिक मंत्री प्रशांत जैन को मनोनीत किए गए।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-70424" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-scaled.jpg" alt="" width="2415" height="2560" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-scaled.jpg 2415w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-283x300.jpg 283w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-966x1024.jpg 966w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-768x814.jpg 768w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-1449x1536.jpg 1449w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-1932x2048.jpg 1932w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-990x1049.jpg 990w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0030-1320x1399.jpg 1320w" sizes="(max-width: 2415px) 100vw, 2415px" />इसके पूर्व बैठक में 5 जनवरी को अयोध्या में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में युवा परिषद के अधिक से अधिक सदस्यों को भाग लेने हेतु अनुरोध किया। कार्यकारिणी के गठन के बाद सभी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी तथा फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया।</p>
<p><strong><img decoding="async" class="alignnone size-full wp-image-70425" src="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0031.jpg" alt="" width="648" height="1152" srcset="https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0031.jpg 648w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0031-169x300.jpg 169w, https://www.shreephaljainnews.com/wp-content/uploads/2024/11/IMG-20241128-WA0031-576x1024.jpg 576w" sizes="(max-width: 648px) 100vw, 648px" />ये सभी उपस्थित थे</strong></p>
<p>इस दौरान जिलाध्यक्ष देहात सुनिल लूणदिया, पूर्व अध्यक्ष अतुल अकोत, पूर्व महामंत्री पुष्पदन्त मेहता, महेन्द्र दलावत, बाहुबली गांधी, विकास किकावत, अंकित भानावत, अमित दोवडिया, रमेश भंवरा, ऋषि भानावत, योगेश गांगावत, धनपाल दोवडिया, गौरव वालावत, तरुण अकोत, दिव्यांक वानावत, हिमांशु गनोडिया, दीक्षांत किकावत, कमलेश वानावत, पारस गांधी, तरुण अकोत सहित कई सदस्य मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
					<wfw:commentRss>https://www.shreephaljainnews.com/akhil_bharatvarshiya_digamber_jain_yuva_parishad_shakha_rishabhdevs_meeting_was_held/feed/</wfw:commentRss>
			<slash:comments>0</slash:comments>
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
