अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : जैन धर्म की पताका फहराती प्रमुख जैन नारियां

आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों को जन्म देने वाली माता लोक में पूजनीय है। पढ़िए डाॅ. ज्योति जैन, खतौली का यह विशेष आलेख…. विश्व जननी ‘नारी’ सृष्टि के विकास का मूल आधार … Continue reading अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : जैन धर्म की पताका फहराती प्रमुख जैन नारियां