मुरैना। तिथियों के बदलते क्रम और भद्रा के संयोग के कारण कई बार प्रमुख त्योहारों के शुभ मुहूर्त में बदलाव देखने को मिलता है। इस बार रक्षाबंधन के पर्व पर भी पूर्णिमा तिथि की अवधि सीमित रहने के कारण राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त कुछ घंटों का ही रहेगा। हालांकि भद्रा और चंद्रग्रहण का रक्षाबंधन पर्व पर कोई बाधक प्रभाव नहीं रहेगा। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ. हुकुमचंद जैन ने बताया कि इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा तिथि में मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 28 अगस्त को प्रातः 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इसके बाद भाद्रपद कृष्ण प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। उदया पूर्णिमा को देखते हुए 28 अगस्त को प्रातः 5:57 बजे से 9:48 बजे तक कुल 3 घंटे 51 मिनट राखी बांधने का श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा।ज्योतिषाचार्य के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त गुरुवार को प्रातः 9:09 बजे प्रारंभ होकर 28 अगस्त शुक्रवार को प्रातः 9:48 बजे समाप्त होगी। ऐसे में रक्षाबंधन का मुख्य पर्व 28 अगस्त को ही मनाया जाना उचित रहेगा।
भद्रा का नहीं होगा प्रभाव
इंजी. एवं ज्योतिषाचार्य हिमांशु जैन ने बताया कि 27 अगस्त को प्रातः 9:09 बजे से रात्रि 9:21 बजे तक भद्रा रहेगी। चूंकि भद्रा 27 अगस्त की रात्रि में ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए 28 अगस्त को राखी बांधने के समय भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि चंद्रग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसके सूतक आदि का प्रभाव यहां मान्य नहीं होगा। रक्षाबंधन का कार्य 28 अगस्त शुक्रवार को प्रातः निर्धारित मुहूर्त में 9:48 बजे तक करना श्रेष्ठ रहेगा। हालांकि आज के समय में भाई-बहनों के लिए इतनी सुबह राखी बांधना व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है, फिर भी शुभ मुहूर्त का पालन करने वाले परिवार इस समय का विशेष ध्यान रख सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उदया पूर्णिमा तिथि को आधार मानने की परंपरा के अनुसार बहनें 28 अगस्त को पूरे दिन भी भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
राशि के अनुसार राखी के शुभ रंग
राशि और ग्रह-स्वभाव के आधार पर राखी के रंग एवं धातु का चयन परंपरागत ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। इसे कोई अनिवार्य शास्त्रीय नियम नहीं माना जाना चाहिए।
राशि अनुसार राखी के शुभ रंग और धातु
भाई की मेष राशि वालों के लिए लाल या केसरिया रंग की राखी तथा तांबे की धातु शुभ मानी जाती है। वृषभ राशि के लिए सफेद या क्रीम रंग और चांदी की राखी, जबकि मिथुन राशि के लिए हरे रंग की राखी तथा कांस्य या पीतल की धातु उपयुक्त मानी जाती है। कर्क राशि के लिए सफेद या मोती जैसे रंग की राखी और चांदी की धातु, सिंह राशि के लिए लाल या सुनहरे रंग की राखी तथा सोना शुभ माना गया है। कन्या राशि के लिए हरा रंग और कांस्य या पीतल की धातु, जबकि तुला राशि के लिए सफेद या गुलाबी रंग तथा चांदी की राखी शुभ मानी जाती है। वृश्चिक राशि के लिए लाल या गहरे लाल रंग की राखी तथा तांबा, धनु राशि के लिए पीला या केसरिया रंग तथा सोना शुभ माना गया है। मकर राशि के लिए नीला या गहरा हरा रंग तथा पंचधातु या चांदी, कुंभ राशि के लिए नीला या बैंगनी रंग तथा पंचधातु या चांदी और मीन राशि के लिए पीला या हल्का नारंगी रंग तथा सोने की धातु शुभ मानी जाती है। ये सुझाव पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें कोई अनिवार्य शास्त्रीय नियम नहीं माना जाना चाहिए।
शुक्रवार और श्रावण पूर्णिमा का संयोग
इस बार रक्षाबंधन पर शुक्रवार और श्रावण पूर्णिमा का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवसर पर लाल-पीला, पीला-सुनहरा तथा सफेद-लाल रंग की रेशमी या सूती राखियां शुभ मानी जा सकती हैं। बहनों द्वारा भाई की राशि के अनुरूप राखी के रंग का चयन करने से पर्व की धार्मिक एवं पारंपरिक भावना और भी विशेष हो सकती है।








