इंदौर। दिगंबर जैन आम समाज संगठन एवं श्रुति फाउंडेशन, इंदौर द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति वितरण समारोह 23 अगस्त 2026 को इंद्रपुरी चातुर्मास स्थल, घूँघट गार्डन, नेमिनगर जैन कॉलोनी में परमपूज्य आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ससंघ के सानिध्य में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, मंगलाचरण, पादप्रक्षालन एवं जिनवाणी भेंट के साथ हुआ।
ब्रह्मचारिणी दीदियों ने लिया मंगल आशीर्वाद
इस अवसर पर आर्यिका श्री विज्ञानमति माताजी के संघस्थ संयम की ओर अग्रसर ब्रह्मचारिणी दीदियों ने गुरुदेव के दर्शन कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इंदौर के कवि सत्यनारायण जी ने भी आचार्य श्री के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किए।
पाठशाला विद्यार्थियों की आकर्षक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में इंदौर की विभिन्न पाठशालाओं के विद्यार्थियों ने धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। जयदुभारदी पाठशाला, नेमिनगर के बच्चों ने आचार्य श्री द्वारा रचित जिनवाणी स्तुति पर नृत्य प्रस्तुत किया।
ज्ञानवर्धनी पाठशाला, गुप्तिसदन कॉलोनी के विद्यार्थियों ने प्रस्तुति दी, जबकि आचार्य विद्यासागर प्रामाणिक पाठशाला, महालक्ष्मी नगर के बच्चों ने जैन एकता पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया। विद्यासिंधु समय पाठशाला के विद्यार्थियों ने ‘सोशल मीडिया से दूरी है जरूरी’ विषय पर प्रस्तुति दी।
प्राकृत में प्रस्तुत की गोम्मटेश स्तुति
आचार्य विद्यासागर पाठशाला के बच्चों ने प्राकृत भाषा में गोम्मटेश स्तुति प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। पार्श्वनाथ दिगंबर पाठशाला नंदानगर, विद्योदय संस्कार पाठशाला सहित अन्य पाठशालाओं के विद्यार्थी भी उपस्थित रहे और आचार्य श्री का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
सम्मेद शिखर जी की झांकी रही आकर्षण
आयोजन स्थल पर तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी की झांकी भी सजाई गई, जिसके श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। धार्मिक वातावरण के बीच विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने आयोजन का लाभ लिया।
शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी
दोपहर 3:30 बजे ‘सुखी जीवन का आधार, शिक्षा के साथ संस्कार’ विषय पर आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज के विशेष मंगल प्रवचन हुए। आचार्य श्री ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
मोबाइल के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
आचार्य श्री ने मोबाइल के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, “बदलती दुनिया का ऐसा असर होने लगा है कि इंसान पागल और मोबाइल स्मार्ट होने लगा है।” उन्होंने महाराष्ट्र के एक गांव की घटना का उल्लेख करते हुए मोबाइल की जिद और उसके दुष्परिणामों से सावधान किया।
आचार्य श्री ने कहा कि इसके लिए केवल मोबाइल को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है। माता-पिता को स्वयं मोबाइल एवं सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग से दूरी बनानी होगी, क्योंकि बच्चे वही सीखते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते हुए देखते हैं।
समाज को परिवार की तरह साथ लेकर चलें
आचार्य श्री ने समाज में एकता एवं आपसी समायोजन का संदेश देते हुए कहा कि समाज को साथ लेकर चलना चाहिए। समाज हमारा परिवार है, इसलिए एक-दूसरे के साथ सहयोग और समायोजन की भावना रखनी चाहिए।
उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “ट्रेंड बदलते हो, स्टाइल बदलते हो, कभी अपनी सोच भी बदलो, जिंदगी बदल जाएगी।”
समय प्रबंधन से मिलेगी सफलता
आचार्य श्री ने समय प्रबंधन को जीवन की सफलता के लिए आवश्यक बताते हुए समय के सदुपयोग की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने समय का ऐसा नियोजन करना चाहिए कि मंदिर, व्यवसाय और परिवार की जिम्मेदारियों के लिए भी पर्याप्त समय निकाला जा सके।
छात्रवृत्ति योजना ने दिया संस्कारों का संदेश
छात्रवृत्ति वितरण एवं विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा के साथ संस्कार, समय प्रबंधन, सामाजिक एकता तथा मोबाइल-सोशल मीडिया के संतुलित उपयोग का संदेश दिया। आयोजन ने पाठशाला शिक्षा को धार्मिक एवं नैतिक संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास किया।







